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2021बाबा वेंगा कि भविष्यवाणी

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 बाबा वेंगा ने की 2021 की भविष्यवाणी जिस प्रकार से 2020 गुजरा हम सोच भी नहीं सकते कि आने वाला समय उससे भी ज्यादा खतरनाक   साबित   होगा! साल 2021 साल 2020 से भी खतरनाक साबित होगा! यह बात हम नहीं कह रहे हैं ! यह भविष्यवाणी की है बाबा वेंगा ने! बाबा बाबा वेंगा ने 100 से अधिक भविष्यवाणियां की और 80 से ज्यादा भविष्यवाणी सच साबित हुई कौन है बाबा वेंगा बाबा वेंगा का जन्म बुल्गारिया के सट्रुमिका में 31 जनवरी 1911 को हुआ था वैसे इनका पूरा नाम bengalia Pandewa ghustrewa था लेकिन प्यार से लोग इन्हें वेंगा पुकारते थे! एक तूफान में अपनी आंखें खो देने वाली बाबा वेंगा बचपन से ही बिल्कुल अकेली हो गई थी! खाने के लिए गांव वाले दे जाते उसी से गुजारा चलता था! फिर अचानक बाबा वेंगा को अपनी शक्ति का एहसास हुआ. और वह कहती थी कि आने वाला समय उन्हें दिख जाता है बाबा वेंगा अब लोगों का भविष्य देखने लगी थी! और वो जो बताती  सच हो जाता! फिर धीरे-धीरे बाबा वेंगा का प्रभाव व चमत्कार बढ़ता गया लोग उनके बताए हुए भविष्य पर शत-प्रतिशत विश्वास करने लगे बाबा वेंगा को कैसे मिला जीवन साथी बाबा वें...

नया साल मनाने की शुरुआत कब हुई थी

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 नव वर्ष जश्न कि शुरुआत.... संसार में नए साल का त्यौहार लोग अपने अपने तरीके से मनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं ?की नव वर्ष के  जश्न  की शुरुआत कब और कैसे हुई? इस के संदर्भ में कुछ बातें प्रचलित है. जो मैं आपको यहां बताऊंगा. तो आइए जानते हैं नववर्ष की शुरुआत कब हुई थी! ।आप सभी को नव वर्ष 2021 की ढेर सारी शुभकामनाएं my experience की तरफ से। प्रचलन: ऐसा माना जाता है नववर्ष की शुरुआत आज से लगभग 4000 वर्ष पहले बेबीलोन नामक स्थान पर हुई थी! 1 जनवरी को मनाए जानेेे वाला नव वर्ष दरअसल ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर सेेे हुई है! रोमन कैलेंडर का नया साल 1 मार्च से शुरू होता था। लेकिन रोमन के प्रसिद्ध सम्राट जूलियस सीजर में 46 वर्ष ईसा पूर्व में इस कैलेंडर में परिवर्तन किया था इसमें उन्होंने जुलाई का महीना और उसके बाद अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया था। और तब से लेकर आज तक दुनिया भर में नव वर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। (भारतीय पंचांग के अनुसार 31 दिसंबर 2020 रात्रि 12:00 बजे के बाद वर्ष 2021 का आरंभ होगा इस दिन मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष...

प्रकृति

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 प्रकृति क्या है. पृथ्वी  पर)   जल .थल. व वायु. के अंतर्गत आने वाली सभी वस्तु ही प्रकृति है! इसको हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं ( प्रकृति के बारे में) 1 जीव प्रकृति.... 2 निर्जीव प्रकृति..... 1(जीव प्रकृति.) मुख्यतः तीन प्रकार की होती है! 1 जलीय जीव प्रकृति. 2 थलीय जीव प्रकृति. 3 आकाशय जीव प्रकृति. 1. जलीय जीव:  वह जीव!जो जल में विचरण करते हैं. जैसे मछली कछुआ मगरमच्छ व सारे जल में विचरण करने वाले जीव! जो प्रकृति के अंतर्गत ही आते हैं! 2.थलीय जीव प्रकृति: व जीव! जो पृथ्वी के थल पर विचरण करते हैं!(यानी जमीन पर) जैसे पशु व मनुष्य और जितने भी कीड़े मकोड़े सांप वह बाकी सारे जीव! यह भी प्रकृति के अंतर्गत ही आते हैं! 3.आकाशय जीव प्रकृति: व जीव! जो हवा में विचरण करते हैं. जैसे कि सारे पक्षी. यह भी प्रकृति के अंतर्गत ही आते हैं. 2 (निर्जीव प्रकृति.) प्रकृति की परिभाषा वैसे तो धरती की हर वस्तु प्रकृति के बंधन से मुक्त नहीं है! लेकिन प्रकृति की हर वस्तु की अपनी एक जगह होती है अपनी एक पहचान होती है! (वास्तव में निर्जीव प्रकृति ही प्रकृति का वास्तविक रूप है) जीव प्रकृत...

स्वस्थ कैसे रहे

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स्वस्थ और फिट कैसे रहे. हर कोई चाहता है कि वह स्वस्थ रहे हष्ट पुष्ट रहे. लेकिन स्वास्थ्य से जुड़े कुछ  पहलू हम से छिपे होते हैं. और यह पहलू हमारे जन्म से लेकर युवावस्था तक यानी 25 साल की उम्र तक बहुत महत्वपूर्ण होता है! जन्म से 25 वर्ष तक ऐसी अवस्था होती है जैसे  एक अंकुर से पेड़ बनने तक की कहानी! जैसे एक अंकुर  (छोटा पौधा) को  पेड़ बनने में पानी. प्रकाश. वह जलवायु की जरूरत होती है. वैसे ही एक कोमल शरीर को हष्ट पुष्ट बनाने के लिए. सही पोषण व मार्गदर्शन की जरूरत होती है.  Health जीवन भर स्वस्थ कैसे रहे. जन्म से लेकर 6 महीने तक मां का दूध ही बच्चे के लिए सही पोषण होता है. लेकिन कभी-कभी बच्चे को ऊपर का दूध पिलाया जाता है.  जो पोषण के लिए अच्छा नहीं होता. (आज मैं आपको बताऊंगा कि जन्म से लेकर 25 वर्ष तक अपने बच्चे का स्वास्थ्य कैसे मेंटेन करना है! कैसे अपने बच्चे का मार्गदर्शन करना है! नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका my experience वेबसाइट पर. तो चलिए आज कुछ नया सीख लेते हैं! 1 .जन्म से लेकर 6 महीने तक बच्चे को मां का दूध ही पिलाएं. यह बच्चे के सर्वांगीण विकास ...

किसान आंदोलन के बारे में2020

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किसान आंदोलन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी 2020. आप जानना चाहेंगे. कि आखिर किसान आंदोलन क्यों हो रहा है? आखिर क्यों पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश वह राजस्थान के किसान इतनी सर्दी में दिल्ली की सड़कों पर  बैठे हैं? नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है (my experience website)पर।  

क्या ईश्वर है!

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 क्या ईश्वर होता है? दोस्तों इस दुनिया में! लाखों लोग नास्तिक है! और लाखों लोग आस्तिक है! जो लोग नास्तिक होते हैं! वह लोग ईश्वर को नहीं मानते! उनका कहना होता है कि ईश्वर नाम की कोई चीज है ही नहीं! (वह कहते हैं कि हमारा ब्रह्मांड साइंस से रिलेटेड है! यहां (god exist) नहीं करता है (यह तो हो गई नास्तिक लोगों की बात है! अब हम आस्तिक लोगों की बात करते हैं! कि आखिर उनके मन में क्या सवाल है ईश्वर के प्रति है) My experience website में आपको राजनीतिक .सामाजिक .धार्मिक .व स्वास्थ्य .से जुड़ी जानकारी मिलती है. यानी वेबसाइट एक काम अनेक. हम बाकी देशों की बात छोड़ देते हैं। क्योंकि दुनिया में ऐसे भी देश है।जो ईश्वर को मानते ही नहीं है! जैसे कि जापान. स्पेन. ऑस्ट्रेलिया. फ्रांस. आदि! यहां के लोगों से पूछा जाए तो वह अपने आप को  अधार्मिक बताते हैं। अगर हम हिंदुस्तान की बात करें! हिंदुस्तान अपने आप में एक विशाल दुनिया है! इस देश में लगभग 10 धर्म के लोग रहते हैं! जैसे कि हिंदू. मुसलमान .सिख. ईसाई .जैन .बौद्ध .फारसी. आदि  अगर हम भाषाओं की बात करें! तो संविधान के अनुसार हिंदुस्तान में 22 भाषा...

Seo setings

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  On page seo .of page seo. And technical seo setings प्रिय दोस्तों जैसा कि मैंने आपको पिछले ब्लॉग में बताया की seo कितने प्रकार के होते हैं!