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बिना परीक्षा दिए IAS कैसे बन गई लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बेटीviral सच

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 Viral सच लोकसभा स्पीकर की बेटी UPSC की परीक्षा दिए बिना IAS कैसे बन गई? आजकल सोशल मीडिया व राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है, जो u.p.s.c जैसी संस्था के मैनेजमेंट व केंद्र सरकार को शक के दायरे में ले आया है।  Twitter:-.......... (सुनीता यादव।) तुम राममंदिर के लिए लड़ते रहो, वो संघी अपने बच्चों को बिना परीक्षा के IAS  बना रहे हैं #ओम_बिरला_की_बेटी (पंखुड़ी पाठक।) अब IAS/IPS में भी भाजपा का VVIP कोटा । भाजपा नेताओ के बच्चे अब नेता के साथ अफसर भी बनेंगे । और आम आदमी और कार्यकर्ताओं के बच्चे भगवा गमछा डाल ज़िंदाबाद करेंगे या बजरंग दल के छुटके गुंडे बनेंगे । (राजीव पांडे) लोकसभा स्पीकर"ओम बिरला"की बेटी "अंजली बिरला"पहले ही प्रयास में बनीं IAS (वो भी बिना परीक्षा के) 90 seat- "बैकडोर-इंट्री"के लिये रिजर्व रखी गई थीं। उनका रुझान है यह;देश के विश्वसनीय UPSC EXAM में "बैक डोर इंर्टी"ने देश के कठिन परिश्रम वाले छात्रों को ठेंगा दिख दिया है। @PMOIndia हम सभी सोशल मीडिया यूजर्स को यहां नहीं दिखा सकते, लेकिन इन सब लोगों का क्या कहना...

हम परमेश्वर से सहायता और लाभ कैसे प्राप्त कर सकते हैं?How can we receive help and benefit from God?

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  How can we receive help and benefit from God? हम परमेश्वर से सहायता और लाभ कैसे प्राप्त कर सकते हैं? God ईश्वर का स्मरण करने वाला हर साधक यही चाहता है कि उसे ईश्वर से कुछ ना कुछ सहायता प्राप्त हो, चाहे वो किसी भी धर्म का साधक हो, परंतु आप ईश्वर के कितने भी बड़े साधक क्यों ना हो, अगर आपका मार्ग असत्य व धर्म का है. तो परमेश्वर आपकी सहायता कदापि नहीं करेंगे। मैं आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाता हु मान लीजिए आप एक ब्लॉगर है, या फिर आप एक यूट्यूबर है, और आप अपने सब्जेक्ट पर बहुत ही अच्छी तरह से कार्य कर रहे हैं, आप अच्छी-अच्छी ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं, उच्च कोटि का यूट्यूब वीडियो बना रहे हैं, आप अपनी पोस्ट में अच्छे कीवर्ड यूज कर रहे हैं, फोटो भी आप खुद ही बना कर अपनी पोस्ट में लगा रहे हैं, बड़े ही सुंदर तरीके से आप ब्लॉग लिख रहे हैं, लेकिन आपने s.e.o की सेटिंग नहीं की तो आपकी ब्लॉग पोस्ट गूगल तक पहुंचे कि नहीं, और आपका ब्लॉग रैंक नहींं कर पाएगा ,  (दोस्तों आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको विषय से भटका रहा हूं, परंतु ऐसा नहीं, आप पोस्ट को पूरा पढ़ें... मुझे विश्वास है कि आपके प्रश...

जीवित भगवान के काव्य का सारांश क्या है?

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 जीवित भगवान की कविता का सारांश क्या है? "आदिकाल से ही मनुष्य ईश्वर की खोज करता रहा है। भिन्न भिन्न धर्मों में ईश्वर को खोजने की अलग-अलग प्रक्रिया बताई गई है। इसी प्रकार हिंदू धर्म में ईश्वर से मिलने के लिए ।निम्नलिखित व्यवस्था बनाई गई है 1, योग साधना 2, आध्यात्मिक साधना 3, कठोर हट योग साधना 4, ध्यान समाधि इन चारों  व्यवस्था को हम पोस्ट के अंतिम भाग में पढ़ेंगे..... आइए अब जानते हैं, जीवित भगवान के काव्य का सारांश क्या है? भागवत गीता के अनुसार ईश्वर का कोई रूप नहीं है, किंतु ईश्वर ब्रह्मांड के एक छोर से दूसरे छोर तक हर वस्तु में विराजमान है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार ब्रह्मांड के समय को चार भागों में बांटा गया है जो इस प्रकार है.... (सतयुग, द्वापर युग, त्रेता युग, कलयुग,) समय के इस कालचक्र को, इन चार युगों में समावेश किया गया है. जो समय की माला के चार मनके हैं,  इन चार युगों का समय निश्चित किया गया है,! वर्तमान में कलयुग चल रहा है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार , हर युग में ईश्वर का अवतार निश्चित है। "सतयुग में ईश्वर का अवतार, सतयुग में ईश्वर ने 4 अवतार लिए थे जो इस प्र...

गांधीवादी सिद्धांतों पर चलने का मेरा वास्तविक अनुभव क्या है?

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 गांधीवादी  सिद्धांतों  पर चलने का आपका  वास्तविक अनुभव क्या है? आपका सवाल वास्तव में उच्च  कोटि का  है। सबसे पहले हम जानेंगे कि गांधीवादी सिद्धांत  क्या है? गांधीवादी सिद्धांत एक दो धारी तलवार की तरह है जिसका मुख्य उद्देश्य सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के अनुसार समाज को बदलना है! " वैसेे तो मोहनदास करमचंद गांधी" (महात्मा गांधी जी) सत्य और अहिंसा के पुजारी थे लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह बातें भी सुनी जाती है. कि महात्मा गांधी ने ही सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत का पहला प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया. कहते हैं कि राजनीतिक षड्यंत्र के कारण सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री पद से वंचित होना पड़ा. कुछ लोग मानते हैं कि इस षड्यंत्र का श्रेय केवल और केवल महात्मा गांधी जी को ही जाता है. "महात्मा गांधी जी का कहना था कि अहिंसा परमो धर्म" अनुवाद: अहिंसा मनुष्य का परम धर्म।   कभी भी किसी प्रकार की हिंसा नहीं करनी चाहिए यही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। लकिन उन्होंने कभी पूरा श्लोक नहीं बोला  ।क्यों  नहीं  बोला यह तो मुझे नहीं पता लेकिन अग...

क्षेत्रीय कार्य पर मेरा अनुभव (मानव संवेदना)

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यह भी पढ़ें..... श्रम ब्यूरो में काम करने का अनुभव  My experience on field work (human compassion) अगर आप ऐसा अनुभव करते कि आप "मानव संवेदना से रहित है! तो हो सकता है आप किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो। आज मैं जो आपको बताने जा रहा हूं!मुझे नहीं पता यह मेरा अनुभव है या मेरी "मानव संवेदना "है क्योंकि कहीं पर भी इंसानियत के नियमों का उल्लंघन होता है। मैं वहीं से सोचना शुरु कर देता हूं। एक बहुत बड़ी मिठाई की दुकान में ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। सेठ जी को  हा.  हु. कहने की भी फुर्सत नहीं थी "मैं भी उसी दुकान पर आया था क्योंकि मुझे 1 किलो रसगुल्ले लेने  थे ।  उसी  दुकान में         कुछ लोग पीछे कुर्सियों पर बैठे समोसा कचोरी खा रहे थे। उनमें से एक बोला.......... अरे समोसा गरम लाओ भाई. तो सेठ जी एकदम से पलटते हुए. (छोटू से बोलते हैं जो कि उसी दुकान में काम करता है. और मुझे लगता है कि शायद वह बिहार से था) सेठ जी"अबे साले तुझे बार-बार कहना पड़ता है क्या! तुझे समझ में नहीं आता समोसा गरम करके देना है ? छोटू"नजरे झुकाते हुए'सेठ जी मैंने समोसे ...

श्रम ब्यूरो में काम करने का अनुभव

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 श्रम कि जानकारी Working experience in labour Bureau श्रम ब्यूरो क्या है श्रम ब्यूरो को"श्रम एवं रोजगार  मंत्रालय को मिलाकर  बनाया  गया  है! और इसके  अध्यक्ष महानिदेशक  है!  श्रम ब्यूरो  की दो शाखा चंडीगढ़  तथा  शिमला  में  स्थित  है! इसके अलावा  कोलकाता  .कानपुर  .अहमदाबाद .तथा  चेन्नई  में  इसके  चार क्षेत्रीय  कार्यालय है! तथा  मुंबई  में  उप क्षेत्रीय  कार्यालय है। श्रम ब्यूरो"आंकड़ों  की  सटीक  सामग्री. संग्रहण. प्रकाशन तथा मजदूरी लाभ. उत्पादकता. अनुपस्थिति. कार्य जगत उद्योग संबधो. कार्यकारी  एवं  निर्वाह  स्थितियों से संबंधित  सूचना  तथा  विभिन्न  श्रम अधिनियमो  को लागू करना और मूल्यांकन करना! इत्यादि के लिए उत्तरदाई है किसानों  तथा  ग्रामीण  मजदूरों  के लिए उपभोक्ता  मूल्यो  की  सूची तैयार करना । मजदूरी  दर  की  सूची तथा संगठित एवं असंगठित  उद...

2021बाबा वेंगा कि भविष्यवाणी

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 बाबा वेंगा ने की 2021 की भविष्यवाणी जिस प्रकार से 2020 गुजरा हम सोच भी नहीं सकते कि आने वाला समय उससे भी ज्यादा खतरनाक   साबित   होगा! साल 2021 साल 2020 से भी खतरनाक साबित होगा! यह बात हम नहीं कह रहे हैं ! यह भविष्यवाणी की है बाबा वेंगा ने! बाबा बाबा वेंगा ने 100 से अधिक भविष्यवाणियां की और 80 से ज्यादा भविष्यवाणी सच साबित हुई कौन है बाबा वेंगा बाबा वेंगा का जन्म बुल्गारिया के सट्रुमिका में 31 जनवरी 1911 को हुआ था वैसे इनका पूरा नाम bengalia Pandewa ghustrewa था लेकिन प्यार से लोग इन्हें वेंगा पुकारते थे! एक तूफान में अपनी आंखें खो देने वाली बाबा वेंगा बचपन से ही बिल्कुल अकेली हो गई थी! खाने के लिए गांव वाले दे जाते उसी से गुजारा चलता था! फिर अचानक बाबा वेंगा को अपनी शक्ति का एहसास हुआ. और वह कहती थी कि आने वाला समय उन्हें दिख जाता है बाबा वेंगा अब लोगों का भविष्य देखने लगी थी! और वो जो बताती  सच हो जाता! फिर धीरे-धीरे बाबा वेंगा का प्रभाव व चमत्कार बढ़ता गया लोग उनके बताए हुए भविष्य पर शत-प्रतिशत विश्वास करने लगे बाबा वेंगा को कैसे मिला जीवन साथी बाबा वें...

नया साल मनाने की शुरुआत कब हुई थी

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 नव वर्ष जश्न कि शुरुआत.... संसार में नए साल का त्यौहार लोग अपने अपने तरीके से मनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं ?की नव वर्ष के  जश्न  की शुरुआत कब और कैसे हुई? इस के संदर्भ में कुछ बातें प्रचलित है. जो मैं आपको यहां बताऊंगा. तो आइए जानते हैं नववर्ष की शुरुआत कब हुई थी! ।आप सभी को नव वर्ष 2021 की ढेर सारी शुभकामनाएं my experience की तरफ से। प्रचलन: ऐसा माना जाता है नववर्ष की शुरुआत आज से लगभग 4000 वर्ष पहले बेबीलोन नामक स्थान पर हुई थी! 1 जनवरी को मनाए जानेेे वाला नव वर्ष दरअसल ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर सेेे हुई है! रोमन कैलेंडर का नया साल 1 मार्च से शुरू होता था। लेकिन रोमन के प्रसिद्ध सम्राट जूलियस सीजर में 46 वर्ष ईसा पूर्व में इस कैलेंडर में परिवर्तन किया था इसमें उन्होंने जुलाई का महीना और उसके बाद अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया था। और तब से लेकर आज तक दुनिया भर में नव वर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। (भारतीय पंचांग के अनुसार 31 दिसंबर 2020 रात्रि 12:00 बजे के बाद वर्ष 2021 का आरंभ होगा इस दिन मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष...

स्वस्थ कैसे रहे

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स्वस्थ और फिट कैसे रहे. हर कोई चाहता है कि वह स्वस्थ रहे हष्ट पुष्ट रहे. लेकिन स्वास्थ्य से जुड़े कुछ  पहलू हम से छिपे होते हैं. और यह पहलू हमारे जन्म से लेकर युवावस्था तक यानी 25 साल की उम्र तक बहुत महत्वपूर्ण होता है! जन्म से 25 वर्ष तक ऐसी अवस्था होती है जैसे  एक अंकुर से पेड़ बनने तक की कहानी! जैसे एक अंकुर  (छोटा पौधा) को  पेड़ बनने में पानी. प्रकाश. वह जलवायु की जरूरत होती है. वैसे ही एक कोमल शरीर को हष्ट पुष्ट बनाने के लिए. सही पोषण व मार्गदर्शन की जरूरत होती है.  Health जीवन भर स्वस्थ कैसे रहे. जन्म से लेकर 6 महीने तक मां का दूध ही बच्चे के लिए सही पोषण होता है. लेकिन कभी-कभी बच्चे को ऊपर का दूध पिलाया जाता है.  जो पोषण के लिए अच्छा नहीं होता. (आज मैं आपको बताऊंगा कि जन्म से लेकर 25 वर्ष तक अपने बच्चे का स्वास्थ्य कैसे मेंटेन करना है! कैसे अपने बच्चे का मार्गदर्शन करना है! नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका my experience वेबसाइट पर. तो चलिए आज कुछ नया सीख लेते हैं! 1 .जन्म से लेकर 6 महीने तक बच्चे को मां का दूध ही पिलाएं. यह बच्चे के सर्वांगीण विकास ...

किसान आंदोलन के बारे में2020

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किसान आंदोलन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी 2020. आप जानना चाहेंगे. कि आखिर किसान आंदोलन क्यों हो रहा है? आखिर क्यों पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश वह राजस्थान के किसान इतनी सर्दी में दिल्ली की सड़कों पर  बैठे हैं? नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है (my experience website)पर।  

क्या ईश्वर है!

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 क्या ईश्वर होता है? दोस्तों इस दुनिया में! लाखों लोग नास्तिक है! और लाखों लोग आस्तिक है! जो लोग नास्तिक होते हैं! वह लोग ईश्वर को नहीं मानते! उनका कहना होता है कि ईश्वर नाम की कोई चीज है ही नहीं! (वह कहते हैं कि हमारा ब्रह्मांड साइंस से रिलेटेड है! यहां (god exist) नहीं करता है (यह तो हो गई नास्तिक लोगों की बात है! अब हम आस्तिक लोगों की बात करते हैं! कि आखिर उनके मन में क्या सवाल है ईश्वर के प्रति है) My experience website में आपको राजनीतिक .सामाजिक .धार्मिक .व स्वास्थ्य .से जुड़ी जानकारी मिलती है. यानी वेबसाइट एक काम अनेक. हम बाकी देशों की बात छोड़ देते हैं। क्योंकि दुनिया में ऐसे भी देश है।जो ईश्वर को मानते ही नहीं है! जैसे कि जापान. स्पेन. ऑस्ट्रेलिया. फ्रांस. आदि! यहां के लोगों से पूछा जाए तो वह अपने आप को  अधार्मिक बताते हैं। अगर हम हिंदुस्तान की बात करें! हिंदुस्तान अपने आप में एक विशाल दुनिया है! इस देश में लगभग 10 धर्म के लोग रहते हैं! जैसे कि हिंदू. मुसलमान .सिख. ईसाई .जैन .बौद्ध .फारसी. आदि  अगर हम भाषाओं की बात करें! तो संविधान के अनुसार हिंदुस्तान में 22 भाषा...
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दोस्तों मैंने आज एक वीडियो देखा जिसमें बताया जा रहा था कि ब्लॉक कैसे लिखना है और कैसे क्रिएट करें तो चलिए हम भी देखते हैं कि ब्लॉक कैसे बनता है और कैसे लिखा जाता ह ? दोस्तों हम जब यह सोचते हैं कि हमें ब्लॉग बनाना है और ब्लॉगिंग करनी है तो हमारे मन में सबसे पहले यह ख्याल आएगा कि हार हम किस विषय में लिखेंगे और कैसे ब्लॉक क्रिएट करेंगे!! How to make a blog  कर चलिए दोस्तों शुर तो चलिए दोस्तों शुरुआत करते हैं कि मैं ब्लॉक कैसे बनाना है और कैसे लिखना है ते ृ ब्लॉक क्रिएट करने में कोई ज्यादा वक्त नहीं लगता है।।।।। आपको सिर्फ अपनी एक ईमेल आईडी डालनी होती है और फिर स्टेप बाय स्टेप आप उसे बना लेंगे कोई चिंता वाली बात नहीं है लेकिन लिखना कैसे हैं यह महत्वपूर्ण ह?  ज्ज्ज तो चलिए शुरुआत करते हैं चलिए शुरुआत करते हैंज।।दोस्तों शुरु()आत करते हैंल।7 ( मेरा ब्लॉग तो तो दोस्तों सबसे पहले हमें लोगों के ब्लॉक देखने हैं कि वह किस प्रकार से लिखते हैं किस प्रकार से अपने ब्लॉग पर फोटो लगाते हैं किस तरह से अपने ब्लॉग पर राइटिंग करते हैं दोस्तों मुझे ऐसा लगता है कि इस दुनिया में अपने आप से बड़ा ...